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DELHI SHRAMIK SANGATHAN

Delhi Shramik Sangathan (DSS) is a federation of unorganized sector workers unions based in Delhi.

श्रमिकों के बच्चो ने मनाया स्वतंत्रता दिवस

दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन ने श्रमिकों के बच्चो के साथ पश्चिम विहार, जन्माष्टमी पार्क मे 72 वा स्वतंत्रता दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया। इस कार्यक्रम मे 150 किशोर किशोरियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चो ने बाल विवाह, लिंग भेद, स्वच्छ भारत, शिक्षा का महत्व आदि […]

श्रमिकों के बच्चो ने मनाया स्वतंत्रता दिवस

दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन ने श्रमिकों के बच्चो के साथ जे जे कालोनी, बक्करवाला मे 72 वा स्वतंत्रता दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया। इस कार्यक्रम मे 70 किशोर किशोरियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चो ने बाल विवाह, लिंग भेद, स्वच्छ भारत, शिक्षा का महत्व आदि […]

मेरे अस्तित्व कि क्यों कोई पहचान नही ? मैं ही माँ हूँ, बेटी हूँ, मैं बहु हूँ फिर क्यों मेरा सम्मान नही ? एक पल में मुझे पराया कर देते है मेरे अपने क्या मैं इन्सान नही ??

मेरे अस्तित्व कि क्यों कोई पहचान नही ? मैं ही माँ हूँ, बेटी हूँ, मैं बहु हूँ फिर क्यों मेरा सम्मान नही ? एक पल में मुझे पराया कर देते है मेरे अपने क्या मैं इन्सान नही ?? कुछ ऐसी ही बातों ने दिल को छु लिया जब […]

आपका घर संभल गया, लेकिन कामगारों का घर कब संभलेगा

Watch Know Click This Link NDTV India इस साल मार्च में लोकसभा में श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था कि सरकार घरों में काम करने वालों के लिए राष्ट्रीय नीति बनाएगी ताकि उन्हें न्यूनतम मज़दूरी मिल सके और सामाजिक सुरक्षा की व्यस्था हो सके. वैसे यह बात […]

Domestic workers seek social security law

ARYAN D’ROZARIONEW DELHI, AUGUST 03, 2018 01:46 IST UPDATED: AUGUST 03, 2018 01:46 IST Demand withdrawal of the Central government’s proposed labour code Shouting slogans, hundreds of domestic workers marched from Mandi House to Parliament Street on Thursday demanding withdrawal of the Centre’s proposed labour code and introduction of a […]

निर्माण मज़दूरों के साथ आम सभा

10-07-2018 को किर्ती नगर चुना भटटी मे निर्माण मज़दूरों के साथ आम सभा का आयोजन किया गया। इस सभा मे 300 महिला व पुरूषों ने भाग लिया। सभा मे दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन के कार्यकत्ताओं ने मज़दूरों को बताया केन्द्रीय सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को किस तरह […]