Daily Activities

मेरे अस्तित्व कि क्यों कोई पहचान नही ? मैं ही माँ हूँ, बेटी हूँ, मैं बहु हूँ फिर क्यों मेरा सम्मान नही ? एक पल में मुझे पराया कर देते है मेरे अपने क्या मैं इन्सान नही ??

मेरे अस्तित्व कि क्यों कोई पहचान नही ? मैं ही माँ हूँ, बेटी हूँ, मैं बहु हूँ फिर क्यों मेरा सम्मान नही ? एक पल में मुझे पराया कर देते है मेरे अपने क्या मैं इन्सान नही ??
कुछ ऐसी ही बातों ने दिल को छु लिया जब लड़कियों के आंसुओं ने लफ्जों कि जगह ली!
आज जब लड़कियां दुनियां कि हर ऊचाई को छू लेने कि हिम्मत रखती है !वहीँ समाज कि कुछ रूढ़िवादी सोच इनकी उड़ान को रोकती है पितृसत्ता ने लिंगभेद और बालविवाह जैसी कुरीतियाँ इतनी मजबूत बनाई है जिनको तोडना आसान नही !
कार्यशाला के दौरान लड़कियों को बालविवाह ,लिंगभेद के मुद्दे पर अपनी समझ को लेकर चित्र और नारे को लेकर समूह में चर्चा हुई जिस में उन्होंने अपनी भावनाओं को उतारा और बताया के आज भी वो इन बन्धनों में बधीं है! जो इच्छाएं वो घर में नही रख पाती उन इच्छाओं को संगठन में पूरा करती है ! 

शबनम = मुझे घर वाले बुरखा पहनने के लिए बोलते है हाथ में दस्ताने, पैरों में जुराब ये सब पहनने में मेरा दम घुटता है ! पर जब मै संगठन कि बैठक में आती हु तो आज़ादी महसूस करती हु मुझे लगता है मेरा घर संगठन है वो घर मेरा नही है !

पायल = मैं राजस्थान से हु मुझे मेरे घर में हर बात पर टोकती है कहते है पढाई करके क्या करेगी घर का काम सीख तेरे काम आएगा ! भाई कि पढाई के लिए 1 लाख रुपए दे दिए, पर मेरी पढाई बंद करवा रहे है !

लक्ष्मी = लड़की को लोग बोझ समझते है इस लिए उसका बालविवाह कर देते है सोचते है ये जितना जल्दी जाएगी हम उतना जल्दी दूसरी लड़की लायेगें ! ऐसा ही मेरे घर में सोचते है पहले मुझे हर चीज देते थे पर अब बिलकुल नही पूछते बस मेरे बड़े भाई को पूछते है !
ये सभी बाते बताते हुए लड़कियां भावुक हो कर रोने लगी !

संगठन लगातार किशोरियो और युवा उम्र कि लड़कियों के सामने ये सवाल रखता है कि अपने जीवन के निर्णय के बारे में सोचे ! और अपना भविष्य बनाये और हर सवाल का जवाब इन्हें खुद ही तलाश ना है ! इस विषय को समझते हुए अब ये लड़कियां अपने घरों में पढ़ाई को लेकर और अपने करियर को लेकर जवाब सवाल करने लगी हैं ! अपने घर में एक माहौल तैयार कर रहीं है अब अपनी बातों को तर्क से रखती हैं और अपने हक के लिये आवाज़ उठाती है ! इन्होने अपनी आत्म शक्ति को पहचान को बना कर समाज का सामना करना शुरू कर रही है !

अभी तो ये अंगडाई है ! आगे और लड़ाई है !!

Categories: Daily Activities, News

1 reply »

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.