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रनहोला मे युवा लड़कियों के साथ लिंग भेद एवं बाल विवाह के मुद्दे पर चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का अयोजन किया गया।

सब को पत्नी, बहु, भाभी, चाची, बूआ चाहिये लेकिन बेटी किसी को नही चाहिये

रनहोला मे युवा लड़कियों के साथ लिंग भेद एवं बाल विवाह के मुद्दे पर चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का अयोजन किया गया। लडकियों ने अपने घर एवं समाज की स्थिति को देखते हुये चर्चा किया कि हमारे साथ जो लिंग भेद होता है हम उसको खत्म करेगे और अपनी माता/पिता को भी प्रतियोगिता के माध्यम से जानकारी देगें की लिंग भेद एवं बाल विवाह नही होना चाहियें।

संगीताः- मेरे पापा मुझे कही जाने नही देते अभी मुझे मेरे पापा रोकते है, शादि के बाद पति रोकेगा क्या मेरे साथ यही होगा।

अन्नूः- मेरे पापा नही है, मम्मी कही बाहर नही जाने देती पढ़ाई करने का क्या फायदा बाहर समाज की काई जानकारी नही होती।

शिवानीः- समाज मे कई तरह के भेद भाव है जिसमे से लिंग भेद बहुत बड़ा मुद्दा है। इस को खत्म होने मे बहुत समय लगेगा पर आप ने जो पहल की है वहाॅ बहुत जरूरी है इस समस्या को खत्म तभी कर पायेंगे जब हम इसे समझेंगे।

आधुनिक युग मे यानि 21वी शताब्दी मे मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग के परिवारों मे केवर एक ही समस्या होती है लिंग भेद को लेकर आज के समय मे यदि किसी परिवार मे बेटा पैदा हो तो बहुत खुशी होती है वही परिवार मे बेटी पैदा हो जाये तो बहुत दुख होता है क्योकि भारत एक पुरूष प्रधान देश है भारत के लोगो का मानना है कि बेटा पीढी बनाता है और बेटी पराया धन होती है। ज्यादातर लडकियों को पेट मे ही मार देते है इसे कन्या भ्रूण हत्या कहते है, यह ज्यादातर हरियाणा, राजस्थान, बिहार मे होता है।
पूजा

विज्ञान की तीसरी आॅख से दिखाई जाती है बेटियाॅ जन्म देने से पहले कोख मे दफनाई जाती है बेटिया। बेटी के जन्म देने से पहले माॅ की कोख मे यह जान लिया जाता है कि माॅ की कोख मे जो शिशु पल रहा है वह बेटा है बेटी। बेटी का पता चलते ही उसे गर्भ मे ही मार दिया जाता है। बेटी जन्म लेते ही उसे पिता का बोझ माना जाता है। घर का काम सीखाया जाता है, बेटिओं को शिक्षा के लिये न तो विद्यालय मे भेजा जाता है और ना ही घर से बाहर भेजा जाता है। घर मे बेटा होता है तो बहुत खुशिया मनाई जाती है घर मे ढोल बजाये जाते हैै, लडको को पढने का अधिकार दिया जाता है, लेकिन लडकियों को पढने का अधिकार नही दिया जाता है। हमारे समाज मे लड़कियों को गंदी नजर से देखा जाता है, लड़कियों के साथ अत्याचार किया जाता है। कुछ लड़कियों की बचपन मे ही शादी कर दि जाती है और उसके साथ अधिक अत्याचार किया जाता है।
विनीता

सभी लड़कियों ने चित्रकला बनाये एवं निबंध लिखे।

 


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