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श्रम विभाग कार्यलय में सहायक श्रमायुक्त द्वारा मज़दूर की पिटाई

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दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन के सदस्य 24/04/14 को श्रम विभाग कर्मपुरा में निर्माण मज़दूर अपने कार्ड का नवीनीकरण कराने के लिये उपस्थित हुये थे। तपती गर्मी मज़दूरों को खड़े हुये दो घण्टे हो चुके थे और इंस्पेक्टर आॅफिसर लेबर पासबुक का नवीनीकरण नहीं कर रहीं थी। एक श्रमिक ने परेषान होकर अपने फोन से विडियो बनाने लगा। तभी प्ण्व्ण् सोनिया ने उस मज़दूर को विडियो बनाते हुये देख लिया श्रहिमक से उसका मोबाइल छीन लिया और उसे पकड़ सहायक श्रमायुक्त के कमरे में बन्द कर श्रम अधिकारी व कर्मचारियों ने बेरहमी से पिटाई की। उसके बाद पीडि़त श्रमिक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने 50 सेकण्ड की वह विडियो देखी, विडियो में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था इसके बाद विडियो को मिटा दिया, पुलिस ने पीडि़त से माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया।

संगठन के कार्यकर्ता थाने से श्रमायुक्त के कार्यलय में उस मज़दूर को लेकर पहुंचे और उन्हें इस बात की जानकारी दी कि मज़दूर के साथ अधिकारियों पर कर्मचारियों ने मारपीट की है तो श्रमायुक्त ने मज़दूर से पूछा कि आपको किसने मारा तो मज़दूर ने वहां बैठे सहायक श्रमायुक्त कपिल की ओर इषारा किया और कहा कि सबसे पहले इन्होंने मारा उसके बाद उसके बाद सोनिया मैडम ने ततपष्चात सभी कर्मचारियों ने मुझे लात घूसों से मारा। इस पर सहायक श्रमायुक्त कपिल भड़क गये और मज़दूर को डांटने लगे। 

कुछ क्षण बाद प्व् सोनिया कमरे में आई और कहने लगी कि यह मज़दूर यहां कैसे आया वह श्रमिक और यूनियन के पदाधिकारियों पर चिल्लाने लगी। क्स्ब् तथा यूनियन के साथी उनसे षान्त रहने का आग्रह कर रहे थे। इसी बीच प्व् सोनिया ने अपने परिवार सगे सम्बधियों को कार्यलय में बुला लिया सहायक श्रमायुक्त ने आस पास की यूनियन और अन्य लोगों को भी बुला लिया। बातचीत का माहौल बिलकुल नहीं था और स्थिति नियन्त्रण के बाहर थी।
सहायक श्रमायुक्त कपिल के द्वारा स्थिति को काफी उत्तेजित कर दिया। पूरी घटना को महिला सम्मान के मुद्दे के साथ जोड़ दिया। जबकि हम यूनियन के साथी श्रमायुक्त से यह बात कर रहे थे इस तरह की घटनाओं पर कैसे पाबंदी लगे। सौहार्दपूर्ण वातावरण का निर्माण हो तथा श्रम कार्यलयों में ब्ब्ज्ट कैमरे लगाये जाये ताकि इस तरह की घटनाओं की निगरानी की जा सके।

श्रमायुक्त कार्यलय से निकलने से पहले सोनिया जी श्रम विभाग के कर्मचारी एवं उनके परिवार के लोगों के समक्ष इस घटना कर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये माफी मांगी। घटना के 45 मिनट बाद एक अनजान फोन न0 से रमेन्द्र को धमकी दी गई आप जल्द से जल्द पष्चिमी जिला कार्यलय पहुंचे अन्यथा घर व दफ्तर में जाकर जान से मार दिया जायेगा तथा फोन पर अभद्र भाशा एवं गालियां दी गई। फोनकर्ता ने अपनी पहचान नहीं बताई। रमेन्द्र ने 100 न0 पर फोन कर जान से मारने की धमकी की षिकायत दर्ज की।

6 बजे शाम को मोती नगर थाने से प्व् सीताराम का फोन आया तथा उन्होंने रमेन्द्र, अनीता, सुभाश भटनागर ईष्वर षर्मा को थाने आने के लिये कहा मज़दूर को भी साथ लाने के लिये कहा। रमेन्द्र ने उन्हें सूचित किया कि इस घटना का निपटारा हो गया तो आप थाने क्यों बुला रहे हैं? प्व् ने सूचित किया सोनिया मैडम दफ्तर के सभी कर्मचारियों एवं सगे सम्बधियों के साथ थाने आकर मज़दूर के खिलाफ दर्ज कर रही हैं। रमेन्द्र कुमार जी ने बताया कि इस तरह की घटना से यह साबित हो गया है कि श्रम विभाग के सभ्य और जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ मज़दूरों के साथ मारपीट, डराने धमकाने का काम ही नहीं करते बल्कि इसके साथ साथ मज़दूर संगठनों के पदाधिकारियों खिलाफ साजिष कर रहे उन्हें कानून के चक्करों में फंसाने का काम रहे हैं। इस तरह के काम को अंजाम देने के लिये राजनैतिक शक्तियों एवं पहुंच का भी नाजायज इसतेमाल कर रहे हैं।

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