Delhi Shramik Sangathan

Home » News » निर्माण मज़दूरों ने अपनी समस्याओं को लेकर श्रम मत्री जी को हस्ताक्षर सहित पत्र भेजे

निर्माण मज़दूरों ने अपनी समस्याओं को लेकर श्रम मत्री जी को हस्ताक्षर सहित पत्र भेजे

Advertisements
Advertisements

दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड में निर्माण मज़दूरों का पंजीकरण की प्रक्रिया सभी जिलों में अलग अलग है तथा इसके लिये दस्तावेज भी अलग अलग मांगे जाते हैं। निर्माण मज़दूर का पंजीकरण आवेदन की तिथी से 30 दिन के अन्दर होना चाहिए लेकिन अभी पंजीकरण में 3 महीने से 9 महीने का समय लगता है। निर्माण श्रमिकों को प्रतिवर्श वार्शिक अनुदान जमा करना होता है जिससे उनकी सदस्यता कायम रहे तथा बोर्ड से उन्हें समयानुसार लाभ भी मिलता रहे। वार्शिक अनुदान जमा करवाने की प्रक्रिया तथा इसमें मांगे जाने वाले दस्तावेज भी सभी श्रम जिला कार्यालयों में अलग अलग है। दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड से मिलने वाले लाभ मज़दूरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

लाभ लेने की प्रक्रिया बहुत जटिल है और उसके लिये क्या दस्तावेज चाहिए इसकी स्पश्टता भी नहीं हैं। इसलिये मज़दूरों को लाभ लेने में 1 से 2 वर्श या इससे भी ज्यादा समय लगता है।
मृत्युउपरान्त मिलने वाला लाभ भी दो वर्श बाद मिलता है उसी प्रकार मातृत्व लाभ जो कि गर्भावस्था में मिलना चाहिये। उसमें भी दो वर्श से ज्यादा का समय लगता है। प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को अभी तक षिक्षा सहायता नहीं मिली। सामाजिक सुरक्षा का कानून होने के बावजूद भी आज किसी भी निर्माण श्रमिक को स्वास्थ्य सहायता नहीं मिन रही है। आज कोई पंजीकृत मज़दूर बीमार पड़ जाये या कोई दुर्घटना हो जाये तो उसे कोई भी सहायता नहीं मिलती।
अधिकतर श्रम कार्यालयों में निर्माण मज़दूरों के पंजीकरण, वार्शिक अनुदान के रिकार्ड सही ढंग से नहीं रखे जा रहे हैं जिसकी वजह से मज़दूरों को मिलने वाले लाभ उन तक नहीं पहुंच रहे हैं। दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड में सेस इकट्ठा करने की न तो कोई प्रक्रिया है और न ही सम्पूर्ण रिकार्ड है और न ही सेस निगरानी की कोई व्यवस्था।

दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड एक त्रिपक्षीय बोर्ड है जिसमें सरकार, मज़दूर एवं ठेकेदारों का बराबर का प्रतिनिधित्व होना चाहिए परन्तु वर्तमान बोर्ड में ठेकेदारों एवं मज़दूरों का समान प्रतिनिधित्व नहीं है।
दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड वर्तमान में श्रम विभाग के अधीन कार्य कर रहा है जिला श्रम कार्यालयों के अधिकारी श्रम विभाग के कार्यों के साथ निर्माण मज़दूर बोर्ड के कार्यों की जिम्मेदारी जिसकी वजह से पंजीकरण तथा लाभ स्वीकृति में देरी होती है।
इन समस्याओं से निजात पाने के लिये दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन की इकाईयों ने विभिन्न क्षेत्रों से अपनी मांगों लेकर हस्ताक्षर सहित माननीय श्रम मंत्री जी को पत्र लिखे
मांगे इस प्रकार से हैंः
1. निर्माण मज़दूर का पंजीकरण आवेदन की तिथी से 30 दिन के अन्दर होना चाहिए। निर्माण मज़दूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया सभी जिलों में एक समान होनी चाहिये। पंजीकरण में देरी होने पर अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाये।
2. बोर्ड से मिलने वाले विभिन्न लाभ के लिये प्रक्रिया एवं दस्तावेज सभी जिलों में एक समान होनी चाहिये। आवेदन की तिथी से 30 दिन के अन्दर सभी लाभ मज़दूरों तक पहुंचने चाहियें।
3. दिल्ली के निर्माण मज़दूरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिये कर्मचारी बीमा निगम की योजना का लाभ मज़दूरों तक पहुंचे।
4. दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड श्रम विभाग से स्वतंत्र होकर कार्य करे और बोर्ड का विकेन्द्रीकरण जिला स्तर पर हो।
5. दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण मज़दूर कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन हो तथा बोर्ड में ठेकेदार तथा मज़दूर संगठनों का समान प्रतिनिधित्व हो और प्रतिनिधित्व का आधार पारदर्षी हो।
6. सेस कानून का पालन सही तरीके से हो तथा सेस वसूली, निगरानी तथा रिकार्ड सही ढंग से रखें जायें।
7. निर्माण मज़दूरों के पंजीकरण के रिकार्ड भी सभी जिला श्रम कार्यालयों में सही ढंग से रखें जायें।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: