DELHI SHRAMIK SANGATHAN

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हक जानों, हक लो

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Sub: Notice of peaceful dharna (sit-in) at your office for the below mentioned issues:

  1. Denying the registration, renewal and processing of claim applications of construction workers under Delhi Building & Other Construction Workers Welfare Board (DBOCWWB) by Labor department officers since May’2018.
  2. Non settlement of pending cases since long- Non issuing of pass books to verified construction workers, illegal detention of pass books for renewal, lapse cases and claim applications under various social security schemes of DBOCWWB.

दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन

दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन दिल्ली में रहने एवं काम करने वाले निर्माण मज़दूरों का संगठन है। संगठन का उद्देश्य निर्माण मज़दूरों में चेतना जागृत करना, उनके बीच सशक्त संगठन की स्थापना करना तथा दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड योजनाओं का लाभ निर्माण मज़दूरों तक पहुंचाना।
दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन दिल्ली श्रमिक संगठन का एक सदस्य संगठन है। दिल्ली श्रमिक संगठन असंगठित क्षेत्र के मज़दूर संगठनों का महासंघ है।
जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के बीच चेतना निर्माण करना, काम के आधार पर संगठन निर्माण करना, मज़दूरों के काम एवं घर की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा असंगठित क्षेत्र सामाजिक सुरक्षा कानून 2008 का लाभ असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों तक पहुंचाना है।
निर्माण मज़दूरों के काम की स्थिति आज भी अत्यंत ही चिंताजनक है। सभी मज़दूरों को नियमित रूप से काम तथा मज़दूरी नहीं मिल पाती है।
सामाजिक सुरक्षा जैसे स्वास्थ्य सुविधा, दुर्घटना एवं आकस्मिक निधन पर मुआवजा, विकलांगता, बुढ़ापे में पेंशन, बच्चों की शिक्षा, प्रसूति सहायता, घर एवं काम के औजार के लिए कजऱ् इत्यादि का लाभ आज निर्माण मज़दूरों को नहीं मिल पा रहा है।
निर्माण मज़दूरों की सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने 1996 में भवन एवं सन्निर्माण श्रमिक कल्याण अधिनियम 1996 नामक एक कानून बनाया था।
इस कानून के तहत देश के सभी निर्माण मज़दूरों को सामाजिक सुरक्षा मिलनी थी लेकिन आज भी यह सुविधा निर्माण मज़दूरों तक नहीं पहुंच पा रही है। जिसका कारण निर्माण मज़दूरों का अधिकारो के प्रति जागरूक न होना तथा एक मज़बूत संगठन का आभाव है।
दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन समान विचारधारा वाले अन्य संगठनों के साथ मिलकर दिल्ली भवन एवं सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड निहित वर्तमान सुविधाओं को बढ़ाने एवं उसमें सकारात्मक सुधार की मांग को लेकर 12 अक्टूबर 2011 को जन्तर मन्तर पर एक विशाल धरने का आयोजन किया गया था। धरने के उपरान्त सरकार ने मज़दूरों को मिलने वाले लाभ में बढ़ोतरी की जो कि इस प्रकार है।
पंजीकरण के तुरन्त बाद मिलने वाले लाभ
1. प्रसूति लाभ पंजीकृत महिला सदस्य एवं पुरूष सदस्य की पत्नी को 10,000 रूपये प्रसूति लाभ ;दो प्रसव के लिए
2. अपंगता पेंशनरू जो सदस्य पक्षाघात, क्षयरोग, कुष्ठरोग, दुर्घटना आदि के कारण स्थाई रूप से असशक्त/अपंग होने पर पेंशन के रूप में 1000 रूपये। पेंशन के अलावा अपंगता के प्रतिशत के आधार पर अधिकतम 25,000 हज़ार रूपाये का भुगतान।
3. अनत्येष्टि सहायताः सदस्य की मुत्यु की स्थिति में सदस्य के नामित एवं आश्रित को पांच हज़ार रूपये दाह संस्कार के लिए अनुदान।
4. मुत्यु लाभः सदस्य की मुत्यु की स्थिति में उसके मनोनित/आश्रित को मुत्यु लाभ के रूप में 50 हज़ार तथा रोजगार के दौरान दुर्घटना वश हुई मुत्यु पर एक लाख रूपये की सहायता।
5. शिक्षा सहायता एक परिवार के दो बच्चों के लिए है। कक्षा पहली से आठवीं तक के स्टुडेंट को 1200 रूपये प्रतिवर्ष, कक्षा 9वीं से 10वीं तक के स्टुडेंट को 2400 रूपये प्रतिवर्ष तथा 11वीं और 12वीं के स्टुडेंट को 6000 पये प्रतिवर्ष मिलेंगे।
बोर्ड में पंजीकरण के एक वर्ष बाद मिलने वाले लाभः
1. 60 वर्ष की उम्र के बाद 1000 रूपये प्रति माह का पेंशन। पांच वर्ष से अधिक सदस्यता के होने पर 100 रूपये की बढ़ोतरी प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए।
2. भवन की खरीद या निर्माण के लिए लोन के रूप में एक लाख पचास हज़ार रूपये तक की राशि।
3. शिक्षा सहायता स्नातक स्तर के स्टुडेंट के लिए 18,000 प्रतिवर्ष, पोलिटेकनिक/डिप्लोमा ;3 वर्षद्धण् 30,000 प्रतिवर्ष, तकनीकि पाठयक्रम जैसे इंजीनियरींग, चिकित्सा, एमबीए-60,000 प्रतिवर्ष।
4. पारिवारीक पेंशनः पेंशन भोगी की मुत्यु होने पर पारिवारीक पेंशन जीवित पति/पत्नी को दी जायेगी। पेंशन की राशि पेंशन भोगी द्वारा प्राप्त की जाने वाली राशि का पचास प्रतिशत या पांच सौ रूपये इनमें जो अधिक हो मिलेगी। आवेदन मुत्यु की तिथी से तीन माह के अन्दर करना होगा।
बोर्ड में पंजीकरण के तीन वर्ष बाद मिलने वाले लाभः
1. कार्य सम्बंधी औजार की खरीद के लिए लोन के रूप में 10,000 रूपये तक की राशि। योग्यता-नियमित रूप से बोर्ड में अंशदान और आयु 55 वर्ष से कम।
2. विवाह हेतु वित्तीय सहायताः पंजीकृत महिला सदस्य का विवाह -10,000 रूपये, पंजीकृत पुरूष सदस्य का विवाह हेतु-5,000 रूपये, पंजीकृत व्यक्ति की बेटी के विवाह हेतु-10,000 रूपये, पंजीकृत व्यक्ति के बेटे के विवाह हेतु-5,000 रूपये।

आप सभी साथियो से अपील है कि संगठन से जुड़े, जानकारी ले, संगठित हों और अपने अधिकारों को हासिल करें।


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